श्रीमान पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) द्वारा नाबालिग बालक/बालिकाओं की गुमशुदगी के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है — 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को राजस्थान के अलवर से सकुशल दस्तयाव किया गया।
दिनांक 13.09.2025 को सुनीता कोंदर पति दीनदयाल कोंदर, निवासी पी एंड टी कॉलोनी, माई नदी के पास, थाना कोतवाली, द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनकी पुत्री दुर्गा चौक कोचिंग क्लास जाने के लिए घर से निकली थी परंतु शाम तक वापस नहीं लौटी। काफी तलाश करने पर भी बालिका का कोई पता नहीं चला, जिस पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 804/25 धारा 137(2) बीएनएस अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना के दौरान यह ज्ञात हुआ कि बालिका पूर्व में भी (दिसंबर 2024) बिना बताए छतरपुर अपने नाना के घर चली गई थी, परंतु इस बार किसी रिश्तेदारी में जाने की जानकारी नहीं थी। बालिका की खोज में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय ने स्वयं परिजनों से पुनः पूछताछ कर दस्तयाबी हेतु विशेष टीम गठित की।
सूचना प्राप्त होने पर कि बालिका अलवर (राजस्थान) में देखी गई है, निरीक्षक राखी पाण्डेय ने बिना विलंब किए पुलिस टीम को राजस्थान रवाना किया। टीम द्वारा अथक प्रयासों के बाद बालिका को अखैपुरा, जिला अलवर (राजस्थान) से दस्तयाव कर सकुशल कटनी लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया।
थाना प्रभारी राखी पाण्डेय ने बालिका की काउंसलिंग कर समझाईश दी। बालिका ने बताया कि पढ़ाई को लेकर मां से डांट खाने के बाद वह घर से नाराज होकर ट्रेन से अलवर चली गई थी और वहीं मजदूरी करने लगी थी। बालिका ने न्यायालय में अपने कथन में बताया कि उसके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बालिका की सकुशल वापसी पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस कार्यवाही में विशेष भूमिकाः- श्रीमान पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में श्रीमान अति. पुलिस अधीक्षक श्री डा. संतोष डेहरिया, श्रीमान नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कोतवाली निरी. राखी पाण्डेय, उनि. महेन्द्र जासयवाल, सउनि. रामेश्वर प्रसाद पटेल, आर. प्रवीण सिंह की अहम भूमिका रही।

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